तुझे भी मेरे प्यार से प्यार हो जाये...............
चले जो दो कदम तू साथ मेरे तो तेरे साथ से प्यार हो जाए थामे जो प्यार से हाथ मेरा तो अपने हाथ से प्यार हो जाये ............. ज...
चले जो दो कदम तू साथ मेरे तो तेरे साथ से प्यार हो जाए थामे जो प्यार से हाथ मेरा तो अपने हाथ से प्यार हो जाये ............. ज...
है साथ फ़िर भी, साथ नही है तेरा संग है सफर में, पर हमसफ़र नही तू है मेरा जाना है अब तो यूँही सफ़र में, चलना है यूँही अकेले, होंगे सफ़र में यू...
http://shalini-zindgilive.blogspot.com/2008/10/blog-post_26.html
Image via Wikipedia तुम्हे हृदय से मैंने चाहा, सारा संचित प्रेम उगाहा, क्लान्त हृदय जब भी अकुलाये इस सूखे आँगन में तुमको प्रेम कलश छलकाना हो...
लफ्जों में चिंगारी रख, लहजे में खुद्दारी रख, जीने की खवाहिश है मरने की तेयार्री .. संन्नाटे के आगन में कविता की किलकारी रख .... सबके सुख मे...
छूना जो चाहो गगन की ऊँचाई, तो चाहो जगत में सभी की भलाई. मलिन न तुम्हारा ये अन्तर्गगन हो प्रभा स्वच्छ,पावन,शुभ्रशांत मन हो ईर्ष्या ,कलुसता ना...
आता है वो गोरखपुर....... वो गोलघर का समां इंदिरा बालविहार की चाट....... वो अग्ग्रवाल की आइसक्रीम उसमें थी कुछ बात....... वो गणेश की मिठाई वो...